पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद छिड़ी जंग, मूसलाधार बारिश के बीच ममता बनर्जी भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचीं
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मतदान संपन्न होने के बाद अब असली जंग ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ के बाहर छिड़ गई है। एग्जिट पोल के नतीजों के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद एक्शन मोड में आ गई हैं। गुरुवार रात मूसलाधार बारिश के बावजूद ममता बनर्जी भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के स्ट्रॉन्ग रूम (सखावत मेमोरियल स्कूल) पहुंचीं और करीब 4 घंटे तक वहां रहकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
रात 12 बजे के बाद स्ट्रॉन्ग रूम से बाहर आईं ममता बनर्जी के तेवर बेहद आक्रामक थे। उन्होंने मीडिया से कहा, “केंद्रीय बलों ने मुझे अंदर जाने से रोकने की कोशिश की, जबकि मैं अनुमति लेकर गई थी। अंदर ईवीएम लूटने की साजिश रची जा रही है, लेकिन मैं मरते दम तक ऐसा नहीं होने दूंगी।” ममता ने अपने सभी उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे मतगणना होने तक अपने-अपने क्षेत्रों के स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर डटे रहें और कड़ी निगरानी रखें।
इस हंगामे के बीच पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि जिन स्ट्रॉन्ग रूम में ईवीएम रखी गई हैं, वे पूरी तरह से सील और लॉक हैं। आयोग ने कहा कि जिस वीडियो को लेकर विवाद हो रहा है, वहां वास्तव में पोस्टल बैलेट की छंटाई हो रही थी। इसके लिए सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बुलाया गया था, लेकिन उनके लोग समय पर नहीं पहुंचे। आयोग ने पुष्टि की कि स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा में कोई चूक नहीं हुई है और सीसीटीवी के जरिए निरंतर निगरानी की जा रही है।
नेताओं का धरना और सीसीटीवी विवाद
इससे पहले कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम और खुदीराम अनुशीलन केंद्र के बाहर टीएमसी नेता कुणाल घोष और शशि पांजा ने धरना दिया। टीएमसी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर दावा किया कि सीसीटीवी फुटेज में कुछ लोग मशीनों के साथ छेड़छाड़ करते दिख रहे हैं। कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बीजेपी के साथ मिलकर धांधली कर रहा है।
