लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए महिलाओं की भागीदारी को स्वीकारना होगा

 लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए महिलाओं की भागीदारी को स्वीकारना होगा
Political Trust Magazine 
नई दिल्ली। आज शुक्रवार को संसद का विशेष सत्र 11 बजे शुरू हुआ। संसद का सत्र शुरू होने के बाद संसदों ने अपनी बात रखी। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्र के दौरान कहा है कि देश की राजनीति और लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए महिलाओं की भागीदारी को स्वीकार करना और बढ़ाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि बिना महिलाओं की सक्रिय भूमिका के किसी भी देश का समग्र विकास संभव नहीं है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं की शक्ति को पहचानना ही नहीं, बल्कि उन्हें निर्णय प्रक्रिया में बराबरी का अवसर देना भी आवश्यक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि राजनीति में आगे बढ़ना है तो महिलाओं की ताकत को स्वीकार करना होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिनका उद्देश्य उन्हें सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से मजबूत बनाना है। उनके अनुसार, महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक प्रभावी और समावेशी बनती है।
प्रधानमंत्री के इस बयान को महिला आरक्षण और राजनीतिक भागीदारी से जोड़कर देखा जा रहा है, जिस पर इन दिनों संसद और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है।