एलपीजी संकट गहराया, कालाबाजारी के कारण नहीं मिल रहे सिलेंडर
- कारोबार दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- April 14, 2026
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नई दिल्ली। LPG संकट गहराता जा रहा है। समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहे है। गैस बुकिंग कराने के बाद भी कई दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि जानबूझकर सप्लाई धीमी की जा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस बुकिंग कराने के बाद भी उन्हें कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। दिहाड़ी मजदूरों के परिवारों की परेशानी बढ़ गई है।
बुकिंग के बाद भी कई लोगों की शिकायत है कि सिलेंडर नहीं मिल रहा है। इसकी वजह से रसोई का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। रही सही कसर कालाबाजारी ने खराब कर दी है। मजबूर उपभोक्ता अधिक कीमत देकर सिलेंडर लेने के लिए मजबूर हैं। लोगों ने बताया कि गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने के बावजूद कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा। एजेंसी संचालक सप्लाई में कमी का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहे हैं। आरोप है कि जानबूझकर सप्लाई धीमी की जा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस बुकिंग कराने के बाद भी उन्हें कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। दिहाड़ी मजदूरों के परिवारों की परेशानी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ डिलीवरी कर्मी और बिचौलिये अतिरिक्त 500 से 700 रुपये लेकर तुरंत सिलेंडर उपलब्ध करा रहे हैं। जिन लोगों के पास पैसे हैं, उन्हें गैस आसानी से मिल रही है, जबकि आम आदमी लाइन में खड़ा होकर भी खाली हाथ लौट रहा है।
एक गैस एजेंसी में सिलेंडर लेने आईं महिलाओं ने बताया कि रसोई चलाना मुश्किल हो गया है। मजबूरी में बाहर का खाना मंगवाना पड़ रहा है। जिससे खर्च और बढ़ गया है। दिहाड़ी मजदूरों का कहना है कि महंगे सिलेंडर और अनिश्चित सप्लाई के कारण उनका बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। विवेक विहार स्थित एक एलपीजी एजेंसी में उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
सिलेंडर की कालाबाजारी थम नहीं रही। भले ही सरकार ने कालाबाजारी रोकने के लिए पूरी दिल्ली में विजिलेंस की टीम तैनात कर रखी हो, लेकिन सरकार की ढीली जांच व्यवस्था के चलते सिलिंडरों की कालाबाजारी खुलेआम की जा रही है। लोगों का आरोप है कि एलपीजी सिलेंडर की डिलिवरी नहीं हो रही और कालाबाजारी में सिलेंडर डिलीवरी मैन 500 से 700 रुपये अतिरिक्त मांग रहे हैं। इतना ही नहीं जो सिलेंडर आ रहा उसमें 5 से 6 किलो गैस कम आ रही। इस वजह से लोग कतार में खड़े होने के लिए मजबूर हैं।
एक गैस एजेंसी में सिलेंडर लेने आई राज रानी ने बताया कि डिलिवरी मैन सिलेंडर डिलीवरी के नाम पर 500 से 700 रूपये अतिरिक्त शुल्क मांगते हैं इसलिए वह काम छोड़कर खुद सिलेंडर लेने आई। जब उनसे पूछा गया कि आपने शिकायत नहीं कि तो उन्होंने कहा सिलेंडर मिल रहा है यह कम है क्या।
आधे दिन की छुट्टी लेकर सिलेंडर लेने गैस एजेंसी में पहुंचे युवक ने आरोप लगाया कि घर पर जो सिलेंडर डिलिवरी होती है उसमें 4 से 5 किलो गैस कम होती है, जिससे काफी नुकसान हो रहा है इसलिए काम छोड़कर वह खुद गैस लेने आये हैं। एजेंसी वालों पर उनका सिलेंडर न देकर ब्लैक करने का आरोप लगाकर झगड़ा करना शुरू कर दिया। लेकिन एजेंसी वाला इस बात से अपना पल्ला झाड़ता नजर आया।
एक गैस एजेंसी में सिलेंडर लेने आईं महिलाओं ने बताया कि रसोई चलाना मुश्किल हो गया है। मजबूरी में बाहर का खाना मंगवाना पड़ रहा है। जिससे खर्च और बढ़ गया है। दिहाड़ी मजदूरों का कहना है कि महंगे सिलेंडर और अनिश्चित सप्लाई के कारण उनका बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। विवेक विहार स्थित एक एलपीजी एजेंसी में उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
सिलेंडर की कालाबाजारी थम नहीं रही। भले ही सरकार ने कालाबाजारी रोकने के लिए पूरी दिल्ली में विजिलेंस की टीम तैनात कर रखी हो, लेकिन सरकार की ढीली जांच व्यवस्था के चलते सिलिंडरों की कालाबाजारी खुलेआम की जा रही है। लोगों का आरोप है कि एलपीजी सिलेंडर की डिलिवरी नहीं हो रही और कालाबाजारी में सिलेंडर डिलीवरी मैन 500 से 700 रुपये अतिरिक्त मांग रहे हैं। इतना ही नहीं जो सिलेंडर आ रहा उसमें 5 से 6 किलो गैस कम आ रही। इस वजह से लोग कतार में खड़े होने के लिए मजबूर हैं।
एक गैस एजेंसी में सिलेंडर लेने आई राज रानी ने बताया कि डिलिवरी मैन सिलेंडर डिलीवरी के नाम पर 500 से 700 रूपये अतिरिक्त शुल्क मांगते हैं इसलिए वह काम छोड़कर खुद सिलेंडर लेने आई। जब उनसे पूछा गया कि आपने शिकायत नहीं कि तो उन्होंने कहा सिलेंडर मिल रहा है यह कम है क्या।
आधे दिन की छुट्टी लेकर सिलेंडर लेने गैस एजेंसी में पहुंचे युवक ने आरोप लगाया कि घर पर जो सिलेंडर डिलिवरी होती है उसमें 4 से 5 किलो गैस कम होती है, जिससे काफी नुकसान हो रहा है इसलिए काम छोड़कर वह खुद गैस लेने आये हैं। एजेंसी वालों पर उनका सिलेंडर न देकर ब्लैक करने का आरोप लगाकर झगड़ा करना शुरू कर दिया। लेकिन एजेंसी वाला इस बात से अपना पल्ला झाड़ता नजर आया।
