मालिक के कहने पर किराएदार को घर खाली करना होगा, नहीं चलेगा कोई बहाना

 मालिक के कहने पर किराएदार को घर खाली करना होगा, नहीं चलेगा कोई बहाना
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि 1972 के पुराने कानून के सहारे जरूरत की बहानेबाजी के आधार पर किरायेदार की मुकदमेबाजी नहीं चलेगी। 2021 के नए कानून के तहत मालिक बोलेगा तो किरायेदार को मकान खाली ही करना पड़ेगा।इस टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति डॉ.योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव की एकल पीठ ने कानपुर नगर के याची श्याम पाल की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि अब मकान मालिक को अपनी वास्तविक जरूरत और तुलनात्मक कठिनाई साबित करने की जरूरत नहीं है। उसे अपनी संपत्ति चाहिए तो वही उसकी जरूरत का सबसे बड़ा और अंतिम निर्णायक है। अदालत उसकी जरूरत की तार्किकता पर बहस नहीं करेगी।
कोर्ट ने उत्तर प्रदेश शहरी परिसर किरायेदारी विनियमन अधिनियम-2021 की व्याख्या करते हुए स्पष्ट किया कि 1972 के पुराने कानून में किरायेदारों को कठिनाई और बोनाफाइड नीड के नाम पर राहत मिल जाती थी। लेकिन, 2021 के नए कानून ने यह रास्ता बंद कर दिया है। अब यह दलील नहीं चलेगी कि मकान मालिक के पास और संपत्ति है या उसकी जरूरत उतनी आवश्यक नहीं।