युद्ध से जीडीपी में 2025 की बढ़ोतरी से अधिक का नुकसान, रिपोर्ट में चौकाने वाला खुलासा
- कारोबार दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- April 1, 2026
- 0
- 51
- 1 minute read
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का वैश्विक स्तर पर गहरा असर पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम एशिया के देशों ने बीते साल यानी 2025 में जितनी कुल जीडीपी बढ़ोतरी की थी, ईरान युद्ध में उससे ज्यादा का अब तक नुकसान हो चुका है। साथ ही ये भी कहा गया है कि युद्ध जैसे-जैसे लंबा खिंचेगा, ये नुकसान और बढ़ता जाएगा।
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की रिपोर्ट के अनुसार, इस युद्ध से पश्चिम एशिया की अर्थव्यवस्थाओं को उनकी सामूहिक जीडीपी का 3.7 से 6 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है। यह नुकसान अधिकतम 194 अरब डॉलर तक हो सकता है। यह कुल आर्थिक नुकसान 2025 में पश्चिम एशिया क्षेत्र द्वारा हासिल की गई जीडीपी वृद्धि से भी अधिक हो सकता है।
‘मिलिट्री एस्केलेशन इन द मिडिल ईस्ट:
‘इकोनॉमिक एंड सोशल इम्प्लिकेशंस फॉर द अरब स्टेट्स रीजन’ की रिपोर्ट में कहा है कि बेरोजगारी दर में लगभग 4 प्रतिशत अंकों तक वृद्धि हो सकती है, जिससे करीब 36 लाख नौकरियां खत्म हो सकती हैं। यह संख्या 2025 में सृजित कुल नौकरियों से भी अधिक है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते लगभग 40 लाख लोग गरीबी रेखा के नीचे जा सकते हैं।
रिपोर्ट में क्षेत्र की संरचनात्मक कमजोरियों को उजागर किया गया है, जो यह दिखाती हैं कि अल्पकालिक सैन्य तनाव भी पश्चिम एशिया में लंबे समय तक व्यापक सामाजिक-आर्थिक प्रभाव पैदा कर सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, मानव विकास सूचकांक (HDI) के आधार पर पश्चिम एशिया का मानव विकास लगभग 0.2 से 0.4 प्रतिशत तक गिर सकता है, जो करीब आधे वर्ष से लेकर लगभग एक वर्ष तक की प्रगति के नुकसान के बराबर है।
‘मिलिट्री एस्केलेशन इन द मिडिल ईस्ट:
‘इकोनॉमिक एंड सोशल इम्प्लिकेशंस फॉर द अरब स्टेट्स रीजन’ की रिपोर्ट में कहा है कि बेरोजगारी दर में लगभग 4 प्रतिशत अंकों तक वृद्धि हो सकती है, जिससे करीब 36 लाख नौकरियां खत्म हो सकती हैं। यह संख्या 2025 में सृजित कुल नौकरियों से भी अधिक है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते लगभग 40 लाख लोग गरीबी रेखा के नीचे जा सकते हैं।
रिपोर्ट में क्षेत्र की संरचनात्मक कमजोरियों को उजागर किया गया है, जो यह दिखाती हैं कि अल्पकालिक सैन्य तनाव भी पश्चिम एशिया में लंबे समय तक व्यापक सामाजिक-आर्थिक प्रभाव पैदा कर सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, मानव विकास सूचकांक (HDI) के आधार पर पश्चिम एशिया का मानव विकास लगभग 0.2 से 0.4 प्रतिशत तक गिर सकता है, जो करीब आधे वर्ष से लेकर लगभग एक वर्ष तक की प्रगति के नुकसान के बराबर है।
