उत्तर प्रदेश में एलपीजी की कालाबाजारी के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक, 152 के खिलाफ मुकदमा दर्ज

 उत्तर प्रदेश में एलपीजी की कालाबाजारी के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक, 152 के खिलाफ मुकदमा दर्ज
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा कालाबाजारी को जड़ से खत्म करने के लिए योगी सरकार ने अभियान छेड़ दिया है। सरकार की सख्ती का आलम यह है कि पिछले 12 दिनों के भीतर प्रदेशभर में 12,732 ठिकानों पर छापेमारी की गई है। इस दौरान अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर एलपीजी वितरकों और अन्य 152 व्यक्तियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज कर 16 लोगों को जेल भेजा गया है।
12 मार्च से जारी है ‘ऑपरेशन क्लीन’
शासन स्तर से 12 मार्च 2026 को जारी निर्देशों के बाद मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में बाधा डालने वालों को बख्शा न जाए। इसी क्रम में अब तक 185 व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई शुरू की गई है।
उपभोक्ताओं को राहत: 20% अतिरिक्त गैस का आवंटन
आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए भारत सरकार के सहयोग से 23 मार्च से वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों के लिए 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन की अनुमति दे दी गई है। प्रदेश के 4,108 एलपीजी वितरकों के पास वर्तमान में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के अनुरूप गैस रिफिल की होम डिलीवरी सुनिश्चित कराई जा रही है।
24 घंटे निगरानी के लिए कंट्रोल रूम तैनात
खाद्य एवं रसद विभाग ने स्थिति की सतत निगरानी के लिए मुख्यालय स्तर पर 24 घंटे संचालित होने वाला कंट्रोल रूम स्थापित किया है। इसके अलावा सभी जिलों में जिला पूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी फील्ड में उतरकर खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं। होम कंट्रोल रूम के जरिए पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति से संबंधित हर समस्या का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है।