युद्ध के दौरान 6 भारतीयों की मौत, 3 लाख की घर वापसी
- दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- March 21, 2026
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नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों और बढ़ती सैन्य तनातनी के बीच भारत ने अपनी कूटनीतिक सक्रियता भी तेज कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के पांच प्रभावशाली देशों के राष्ट्राध्यक्षों से फोन पर बात कर भारत का रुख स्पष्ट किया है।
पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच भारतीय विदेश मंत्रालय ने अहम जानकारी साझा की है। मंत्रालय के मुताबिक, खाड़ी क्षेत्र में चल रहे तनाव में अब तक 6 भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है, जबकि एक भारतीय अभी भी लापता है। सरकार लापता नागरिक की तलाश और मृतकों के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास कर रही है। विदेश मंत्रालय ने अब तक 3 लाख लोगों की वतन वापसी कराई है।
भारतीय दूतावास मिशन मोड पर
विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव असीम आर. महाजन ने बताया कि सऊदी अरब, ओमान, इराक और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित भारतीय मिशन स्थानीय अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में हैं। सरकार का पूरा जोर इस वक्त उन परिवारों को राहत पहुंचाने पर है। लापता भारतीय की सुरक्षित बरामदगी के लिए भी स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ ‘सर्च ऑपरेशन’ तेज कर दिए गए हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के पांच प्रभावशाली देशों के राष्ट्राध्यक्षों से फोन पर बात कर भारत का रुख स्पष्ट किया है।
कूटनीति पर भारत का जोर
प्रधानमंत्री ने ओमान के सुल्तान से भी बात की। पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को केवल ‘संवाद और कूटनीति’ के जरिए ही सुलझाया जा सकता है। भारत का प्राथमिक उद्देश्य फिलहाल तनाव को कम करना और क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति की बहाली करना है।
भारतीय दूतावास मिशन मोड पर
विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव असीम आर. महाजन ने बताया कि सऊदी अरब, ओमान, इराक और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित भारतीय मिशन स्थानीय अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में हैं। सरकार का पूरा जोर इस वक्त उन परिवारों को राहत पहुंचाने पर है। लापता भारतीय की सुरक्षित बरामदगी के लिए भी स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ ‘सर्च ऑपरेशन’ तेज कर दिए गए हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के पांच प्रभावशाली देशों के राष्ट्राध्यक्षों से फोन पर बात कर भारत का रुख स्पष्ट किया है।
कूटनीति पर भारत का जोर
प्रधानमंत्री ने ओमान के सुल्तान से भी बात की। पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को केवल ‘संवाद और कूटनीति’ के जरिए ही सुलझाया जा सकता है। भारत का प्राथमिक उद्देश्य फिलहाल तनाव को कम करना और क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति की बहाली करना है।
