टीएमसी के घोषणा पत्र में दुआरे चिकित्सा, बेरोजगारों को सालाना 18 हजार रुपये का वादा

 टीएमसी के घोषणा पत्र में दुआरे चिकित्सा, बेरोजगारों को सालाना 18 हजार रुपये का वादा
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नेे आज टीएमसी के घोषणा पत्र जारी कर दिया है। जिसमें उन्होंने दुआरे चिकित्सा और बेरोजगार युवाओं को हर साल 18 हजार रुपये देने का वादा किया है।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस की तरफ से चुनावी घोषणापत्र जारी किया गया। राजधानी कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी समेत तमाम नेताओं की मौजूदगी में ये चुनावी घोषणा पत्र जारी किया गया है। इस दौरान सीएम ममता बनर्जी ने कहा, ‘चुनावों के दौरान हम कई साजिशें देखते हैं, लेकिन इस बार तो सारी हदें पार हो गई हैं। इस चुनाव के बाद परिसीमन होगा, लेकिन मोदी सरकार सत्ता में वापस नहीं आएगी क्योंकि जनता भाजपा सरकार को पसंद नहीं करती। इसके पीछे एनआरसी और परिसीमन का हाथ है।’
सीएम ममता बनर्जी ने आगे कहा, ‘यहां पर्यवेक्षक के तौर पर तैनात लोगों को न तो इस क्षेत्र की जानकारी है, न ही राज्य की; उन्हें राज्य के बारे में कुछ भी पता नहीं है। वे अपना कर्तव्य कैसे निभा सकते हैं? राष्ट्रपति शासन की जगह अघोषित राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है। क्योंकि भाजपा जानती है कि आगामी विधानसभा चुनावों में उसे हार का सामना करना पड़ेगा। मोदी जी, आप यहां अघोषित राष्ट्रपति शासन के तहत चुनाव लड़ रहे हैं क्योंकि वे बंगाल से ईर्ष्या करते हैं। उन्होंने पूरी व्यवस्था को ही उलट-पुलट कर दिया है।’
टीएमसी की घोषणाएं
चुनावी घोषणापत्र को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘लक्ष्मी भंडार योजना के तहत, 500 रुपये की बढ़ोतरी के साथ, महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता मिलती रहेगी – सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 1,500 रुपये (सालाना 18,000 रुपये) और SC/ST लाभार्थियों को 1,700 रुपये(सालाना 20,400 रुपये)। मैं ‘बांग्लार युवा-साथी’ योजना जारी रखूंगी। मैं 30 हजार करोड़ का ‘कृषि-बजट’ भी शुरू करने का वादा करती हूं। ताकि किसान परिवारों को लगातार सहायता मिलती रहे, भूमिहीन किसानों को सहारा मिले और कृषि क्षेत्र का समग्र विकास हो सके। इसके अलावा, मेरी सरकार हर ब्लॉक और शहर में सालाना ‘दुआरे चिकित्सा’ शिविर आयोजित करेगी, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं लोगों के दरवाजे तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकें। मैं ‘बांग्लार शिक्षायतन’ योजना के तहत सभी सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे का समग्र विकास सुनिश्चित करूंगी।’