भारत विद्युत शिखर सम्मेलन 2026 में ऊर्जा सुरक्षा पर जोर, राज्यों को सुधारों के लिए केंद्र का पूरा सहयोग

 भारत विद्युत शिखर सम्मेलन 2026 में ऊर्जा सुरक्षा पर जोर, राज्यों को सुधारों के लिए केंद्र का पूरा सहयोग

नई दिल्ली – भारत विद्युत शिखर सम्मेलन 2026 के दूसरे दिन केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ एक महत्वपूर्ण मंत्रीस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें ऊर्जा सुरक्षा, बिजली क्षेत्र में सुधार और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए मनोहर लाल ने कहा कि यह शिखर सम्मेलन ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि भारत ने 520 गीगावाट से अधिक स्थापित बिजली क्षमता, डिस्कॉम के प्रदर्शन में सुधार, स्मार्ट मीटरिंग के विस्तार और बिजली की कमी में कमी जैसे महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किए हैं। उन्होंने केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए सस्ती और कुशल बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई।

ऊर्जा सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत बढ़ाने और नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने की जरूरत बताई। साथ ही परमाणु ऊर्जा को स्वच्छ ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत बताते हुए ‘शांति अधिनियम’ को एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने राज्यों को आश्वासन दिया कि आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक सुधारों को लागू करने में केंद्र सरकार पूरा सहयोग देगी।
ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने कहा कि बिजली क्षेत्र में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग तेजी से बदलाव ला रहा है और स्मार्ट मीटरिंग इसका प्रमुख उदाहरण है। उन्होंने यह भी बताया कि देश की लगभग आधी स्थापित क्षमता अब गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से आती है और नई राष्ट्रीय विद्युत नीति ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में मार्गदर्शन करेगी।
बैठक के दौरान ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और विशेष रूप से गैर-जीवाश्म स्रोतों से बिजली उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया गया। इस अवसर पर विद्युत मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए डिस्कॉम उपभोक्ता सेवा रेटिंग और वितरण उपयोगिता रैंकिंग रिपोर्ट भी जारी की, जिसमें देशभर की बिजली वितरण कंपनियों के प्रदर्शन में सुधार और उपभोक्ता सेवाओं में सकारात्मक प्रगति को दर्शाया गया है।