नमो भारत रैपिड रेल नेटवर्क के दूसरे चरण में तीन नए कारिडोर
- दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- March 17, 2026
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नई दिल्ली। नमो भारत रैपिड रेल नेटवर्क के दूसरे चरण में तीन नए कॉरिडोर-दिल्ली-शाहदरा-बड़ौत, गाजियाबाद-खुर्जा और गाजियाबाद-हापुड़ को प्राथमिकता दी गई है। इन परियोजनाओं की डीपीआर तैयार हो चुकी है और केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 में 2200 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया है।
फिलहाल सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर ट्रेनें दौड़ रही हैं। अब इसी नेटवर्क को पश्चिमी यूपी के अंदरूनी शहरों तक जोड़ने की तैयारी है।
करीब 56 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित दिल्ली-शाहदरा-बड़ौत कॉरिडोर से बागपत जिले को सीधा हाईस्पीड कनेक्शन मिलेगा. रूट शाहदरा, लोनी, खेकड़ा होते हुए बागपत और बड़ौत तक जाएगा। अभी सड़क मार्ग से दिल्ली से बड़ौत पहुंचने में ढाई से तीन घंटे लग जाते हैं, लेकिन रैपिड रेल की 180 किमी प्रति घंटा डिजाइन स्पीड और 160 किमी प्रति घंटा परिचालन गति के साथ यह दूरी महज 50-60 मिनट में पूरी हो सकेगी। इससे NH-709B पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा और प्रदूषण में कमी आएगी। करीब 45-50 किलोमीटर लंबा गाजियाबाद-खुर्जा कॉरिडोर बुलंदशहर जिले को हाईस्पीड नेटवर्क से जोड़ेगा। प्रस्तावित स्टेशन गाजियाबाद, डासना, गुलावठी, बुलंदशहर और खुर्जा होंगे. यह रूट गाजियाबाद RRTS स्टेशन पर दिल्ली-मेरठ लाइन से इंटरचेंज करेगा। मिट्टी के बर्तनों और सिरेमिक उद्योग के लिए प्रसिद्ध खुर्जा को इससे बड़ा फायदा होगा। अभी गाजियाबाद से खुर्जा पहुंचने में डेढ़ से दो घंटे लगते हैं, लेकिन नमो भारत से यह दूरी 30-35 मिनट में सिमट जाएगी। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के पास स्थित औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी यह कनेक्टिविटी गेमचेंजर साबित हो सकती है। करीब 32-35 किलोमीटर लंबा गाजियाबाद-हापुड़ कॉरिडोर NH-9 (पुराना NH-24) के समानांतर विकसित होगा। यह शहीद स्थल से शुरू होकर कवि नगर, वेव सिटी, पिलखुआ होते हुए हापुड़ रेलवे स्टेशन तक जाएगा। अभी गाजियाबाद से हापुड़ का सफर एक से डेढ़ घंटे में पूरा होता है, लेकिन रैपिड रेल इसे 20-25 मिनट में बदल देगी। पिलखुआ के टेक्सटाइल कारोबार और हापुड़ की अनाज मंडी को दिल्ली और मेरठ से सीधी तेज रफ्तार कनेक्टिविटी मिलेगी। न नए कॉरिडोरों के जुड़ने से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी तैयार होगी। यात्री बिना लंबा इंतजार किए एक ही नेटवर्क के जरिए अलग-अलग रूट पर सफर कर सकेंगे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के छात्रों, कर्मचारियों और व्यापारियों के लिए नमो भारत रैपिड रेल अब सिर्फ परिवहन नहीं, बल्कि विकास की नई रफ्तार बनती दिख रही है।
करीब 56 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित दिल्ली-शाहदरा-बड़ौत कॉरिडोर से बागपत जिले को सीधा हाईस्पीड कनेक्शन मिलेगा. रूट शाहदरा, लोनी, खेकड़ा होते हुए बागपत और बड़ौत तक जाएगा। अभी सड़क मार्ग से दिल्ली से बड़ौत पहुंचने में ढाई से तीन घंटे लग जाते हैं, लेकिन रैपिड रेल की 180 किमी प्रति घंटा डिजाइन स्पीड और 160 किमी प्रति घंटा परिचालन गति के साथ यह दूरी महज 50-60 मिनट में पूरी हो सकेगी। इससे NH-709B पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा और प्रदूषण में कमी आएगी। करीब 45-50 किलोमीटर लंबा गाजियाबाद-खुर्जा कॉरिडोर बुलंदशहर जिले को हाईस्पीड नेटवर्क से जोड़ेगा। प्रस्तावित स्टेशन गाजियाबाद, डासना, गुलावठी, बुलंदशहर और खुर्जा होंगे. यह रूट गाजियाबाद RRTS स्टेशन पर दिल्ली-मेरठ लाइन से इंटरचेंज करेगा। मिट्टी के बर्तनों और सिरेमिक उद्योग के लिए प्रसिद्ध खुर्जा को इससे बड़ा फायदा होगा। अभी गाजियाबाद से खुर्जा पहुंचने में डेढ़ से दो घंटे लगते हैं, लेकिन नमो भारत से यह दूरी 30-35 मिनट में सिमट जाएगी। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के पास स्थित औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी यह कनेक्टिविटी गेमचेंजर साबित हो सकती है। करीब 32-35 किलोमीटर लंबा गाजियाबाद-हापुड़ कॉरिडोर NH-9 (पुराना NH-24) के समानांतर विकसित होगा। यह शहीद स्थल से शुरू होकर कवि नगर, वेव सिटी, पिलखुआ होते हुए हापुड़ रेलवे स्टेशन तक जाएगा। अभी गाजियाबाद से हापुड़ का सफर एक से डेढ़ घंटे में पूरा होता है, लेकिन रैपिड रेल इसे 20-25 मिनट में बदल देगी। पिलखुआ के टेक्सटाइल कारोबार और हापुड़ की अनाज मंडी को दिल्ली और मेरठ से सीधी तेज रफ्तार कनेक्टिविटी मिलेगी। न नए कॉरिडोरों के जुड़ने से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी तैयार होगी। यात्री बिना लंबा इंतजार किए एक ही नेटवर्क के जरिए अलग-अलग रूट पर सफर कर सकेंगे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के छात्रों, कर्मचारियों और व्यापारियों के लिए नमो भारत रैपिड रेल अब सिर्फ परिवहन नहीं, बल्कि विकास की नई रफ्तार बनती दिख रही है।
