छोले भटूरे नहीं, दाल-नान खाओ प्रभु के गुण गाओ
- दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- March 15, 2026
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नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में छिड़े महासंग्राम का असर जिले में दिख रहा है। कामर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति पर रोक लगा दी गयी है, ऐसे में दुकानदारों ने खाने के मेन्यू में बदलाव कर दिया है। अब ठेलियों पर छोले-भटूरे की जगह दाल-नान की बिक्री की जा रही है। ठेली पर छोले भटूरे की बिक्री करने वाले चंदू मूलरूप से बस्ती के रहने वाले हैं। उनकी दुकान पर रोजाना की तरह ग्राहक छोले-भटूरे खाने पहुंचे तो पता चला कि मेन्यू में बदलाव है।
छोले-भटूरे की जगह दाल-चावल और नान खाने के लिए उपलब्ध है। इसकी वजह पूछने पर बताया कि कामर्शियल सिलिंडर नही मिल रहा है। भटूरे बनाने के लिए गैस सिलिंडर होना जरूरी है।
अब वह घर से ही दाल, चावल, सब्जी बनाकर लाते हैं दुकान पर तंदूर लगा है। जिसमें तंदूरी रोटी और नान बना सकते हैं। दाल, सब्जी को गर्म भी कर सकते हैं। इसलिए उन्होंने देश मे एलपीजी संकट की स्थिति में अपनी कमाई जारी रखने और ग्राहकों को भोजन मुहैया कराने के लिए यह तरीका अपनाया है।
चंदू अकेले ऐसे दुकानदार नहीं हैं, जिन्होंने यह बदलाव किया है। उनकी तरह शहर में दो हजार से अधिक छोले-भटूरे की बिक्री करने वाले दुकानदार हैं और वह अब खाने के मेन्यू में इस तरह का बदलाव कामर्शियल सिलिंडर न मिलने पर कर रहे हैं। दुकानदारों की मांग है कि सरकार को कामर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति जल्द शुरू करनी चाहिए।
अब वह घर से ही दाल, चावल, सब्जी बनाकर लाते हैं दुकान पर तंदूर लगा है। जिसमें तंदूरी रोटी और नान बना सकते हैं। दाल, सब्जी को गर्म भी कर सकते हैं। इसलिए उन्होंने देश मे एलपीजी संकट की स्थिति में अपनी कमाई जारी रखने और ग्राहकों को भोजन मुहैया कराने के लिए यह तरीका अपनाया है।
चंदू अकेले ऐसे दुकानदार नहीं हैं, जिन्होंने यह बदलाव किया है। उनकी तरह शहर में दो हजार से अधिक छोले-भटूरे की बिक्री करने वाले दुकानदार हैं और वह अब खाने के मेन्यू में इस तरह का बदलाव कामर्शियल सिलिंडर न मिलने पर कर रहे हैं। दुकानदारों की मांग है कि सरकार को कामर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति जल्द शुरू करनी चाहिए।
