LPG संकट के बीच साइबर धोखाधड़ी का नया खेल, सिलेंडर के चक्कर में कहीं खाली ना हो जाए खाता
- दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- March 13, 2026
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नई दिल्ली। पुलिस ने नागरिकों को साइबर धोखाधड़ी के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है। यह चेतावनी एलपीजी की उपलब्धता को लेकर चल रही घबराहट के बीच दी गई है। साइबर अपराधी इस स्थिति का फायदा उठाकर लोगों को ठगने और उनकी गाढ़ी कमाई चुराने का प्रयास कर रहे हैं।
पुलिस ने संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने की सलाह दी है। अज्ञात नंबरों से आने वाली गैस एजेंसियों के दावों वाली कॉल पर भरोसा न करें। साइबर अपराधी एलपीजी सिलिंडर की कमी की अफवाहों का उपयोग कर रहे हैं। वे धोखाधड़ी वाले लिंक और कॉल के माध्यम से उपयोगकर्ताओं को फंसा रहे हैं।
जागरूकता वीडियो जारी किया
दिल्ली पुलिस ने एक्स पर एक पोस्ट साझा की। इसके साथ ही एक जागरूकता वीडियो भी जारी किया गया। वीडियो में बताया गया है कि धोखेबाज कैसे घबराहट पैदा कर गैस बुकिंग या आपूर्ति पुष्टि के लिंक पर क्लिक करने को उकसाते हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, ऐसे लिंक से व्यक्तिगत या बैंकिंग विवरण चोरी होकर वित्तीय नुकसान हो सकता है।
साइबर अपराधियों की कार्यप्रणाली
धोखेबाज गैस एजेंसी के प्रतिनिधि बनकर निवासियों को कॉल कर सकते हैं। वे सिलिंडर सुरक्षित करने के लिए तत्काल सत्यापन या पंजीकरण का दावा करते हैं। पीड़ितों को मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से भेजे गए लिंक पर क्लिक करने को कहा जाता है। उन्हें फाइलें डाउनलोड करने के लिए भी कहा जा सकता है। नागरिकों को ऐसी किसी भी गतिविधि से बचना चाहिए।
पुलिस की सलाह और बचाव
पुलिस ने एलपीजी कमी की अफवाहों को साइबर धोखेबाजों का चारा बताया है। नागरिकों को अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करें। अपनी व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी किसी भी अज्ञात व्यक्ति या स्रोत से साझा न करें। सतर्कता ही साइबर धोखाधड़ी से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है।
जागरूकता वीडियो जारी किया
दिल्ली पुलिस ने एक्स पर एक पोस्ट साझा की। इसके साथ ही एक जागरूकता वीडियो भी जारी किया गया। वीडियो में बताया गया है कि धोखेबाज कैसे घबराहट पैदा कर गैस बुकिंग या आपूर्ति पुष्टि के लिंक पर क्लिक करने को उकसाते हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, ऐसे लिंक से व्यक्तिगत या बैंकिंग विवरण चोरी होकर वित्तीय नुकसान हो सकता है।
साइबर अपराधियों की कार्यप्रणाली
धोखेबाज गैस एजेंसी के प्रतिनिधि बनकर निवासियों को कॉल कर सकते हैं। वे सिलिंडर सुरक्षित करने के लिए तत्काल सत्यापन या पंजीकरण का दावा करते हैं। पीड़ितों को मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से भेजे गए लिंक पर क्लिक करने को कहा जाता है। उन्हें फाइलें डाउनलोड करने के लिए भी कहा जा सकता है। नागरिकों को ऐसी किसी भी गतिविधि से बचना चाहिए।
पुलिस की सलाह और बचाव
पुलिस ने एलपीजी कमी की अफवाहों को साइबर धोखेबाजों का चारा बताया है। नागरिकों को अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करें। अपनी व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी किसी भी अज्ञात व्यक्ति या स्रोत से साझा न करें। सतर्कता ही साइबर धोखाधड़ी से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है।
