देश के सर्विस सेक्टर में फरवरी में मजबूती, पीएमआई 58.1 पर
- दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- March 6, 2026
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नई दिल्ली। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सर्विस सेक्टर से अच्छी खबर आई है। फरवरी महीने में भी इस सेक्टर ने मजबूत ग्रोथ दिखाई है। सोमवार को जारी एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में सर्विस पीएमआई 58.1 पर रहा। यह लगातार सेक्टर में हो रही तेज बढ़ोतरी को दिखाता है। जब भी पीएमआई का आंकड़ा 50 से ऊपर होता है, तो इसे गतिविधियों में विस्तार माना जाता है। एचएसबीसी इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के सर्विस सेक्टर का ग्रोथ आउटलुक यानी भविष्य का नजरिया स्थिर बना हुआ है। हालांकि, जनवरी के 58.5 के मुकाबले फरवरी में पीएमआई में मामूली गिरावट आई है, लेकिन यह अब भी काफी मजबूत स्तर पर है।
नए आर्डर की रफ्तार घटी, पर मांग मजबूत
रिपोर्ट में एक चिंता की बात भी सामने आई है। नए आर्डर मिलने की रफ्तार 13 महीनों में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। कुछ कंपनियों ने बताया कि ग्राहकों की ज्यादा पूछताछ और अच्छी मार्केटिंग से बिक्री बढ़ाने में मदद मिली। वहीं, कुछ अन्य कंपनियों का कहना था कि बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण वे तेजी से विस्तार नहीं कर पाईं।
अर्थशास्त्री ने क्या कहा
एचएसबीसी के मुख्य अर्थशास्त्री के मुताबिक फरवरी के पीएमआई आंकड़े सर्विस सेक्टर में एक और महीने की मजबूत ग्रोथ का संकेत देते हैं। उन्होंने बताया कि भले ही बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण नए आर्डर की ग्रोथ धीमी हुई, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बिक्री में एक मजबूत सुधार देखा गया। कामकाज की जरूरतों को पूरा करने के लिए कई सर्विस कंपनियों ने इस महीने भर्तियां भी बढ़ाईं।
नए आर्डर की रफ्तार घटी, पर मांग मजबूत
रिपोर्ट में एक चिंता की बात भी सामने आई है। नए आर्डर मिलने की रफ्तार 13 महीनों में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। कुछ कंपनियों ने बताया कि ग्राहकों की ज्यादा पूछताछ और अच्छी मार्केटिंग से बिक्री बढ़ाने में मदद मिली। वहीं, कुछ अन्य कंपनियों का कहना था कि बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण वे तेजी से विस्तार नहीं कर पाईं।
अर्थशास्त्री ने क्या कहा
एचएसबीसी के मुख्य अर्थशास्त्री के मुताबिक फरवरी के पीएमआई आंकड़े सर्विस सेक्टर में एक और महीने की मजबूत ग्रोथ का संकेत देते हैं। उन्होंने बताया कि भले ही बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण नए आर्डर की ग्रोथ धीमी हुई, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बिक्री में एक मजबूत सुधार देखा गया। कामकाज की जरूरतों को पूरा करने के लिए कई सर्विस कंपनियों ने इस महीने भर्तियां भी बढ़ाईं।
