अमेरिकी ट्रेड डील के खिलाफ किसान संगठन, सड़कों पर उतरकर करेंगे विरोध
- दिल्ली राजनीति राष्ट्रीय
Political Trust
- February 9, 2026
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नई दिल्ली। भारत-अमेरिका व्यापार समझौता से किसान संगठनों में रोष है। किसान संगठनों की तरफ से इस डील का विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के सामने पूर्ण आत्मसमर्पण कर दिया है। यही वजह है कि संगठनों की तरफ से देश व्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है।
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील हो चुकी है। इस डील को कई लोग सही तो कई लोग गलत बता रहे हैं। डील को लेकर विरोध भी देखने को मिल रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को भारतीय कृषि का अमेरिकी मल्टीनेशनल कंपनियों के सामने ‘पूरी तरह आत्मसमर्पण’ बताया है।
संयुक्त किसान मोर्चा और अन्य किसान संगठनों ने इस समझौते की कड़ी आलोचना करते हुए वाणिज्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। इस डील के विरोध में 12 फरवरी की देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का समर्थन कर रहे हैं। किसान संगठनों की तरफ से कहा गया कि सरकार किसानों की पीठ में छुरा घोपने का काम कर रही है।
भारत और अमेरिका के बीच डील को लेकर विरोध हो रहा है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की तरफ से कहा गया कि इस डील की वजह है कि कृषि और डेयरी उत्पादों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। संयुक्त किसान मोर्चा ने आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौता भारतीय कृषि का अमेरिकी मल्टीनेशनल कंपनियों के सामने “पूरी तरह से आत्मसमर्पण” है। इस तरह के फैसलों के लिए पीयूष गोयल को इस्तीफा दे देना चाहिए।
संयुक्त किसान मोर्चा और अन्य किसान संगठनों ने इस समझौते की कड़ी आलोचना करते हुए वाणिज्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। इस डील के विरोध में 12 फरवरी की देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का समर्थन कर रहे हैं। किसान संगठनों की तरफ से कहा गया कि सरकार किसानों की पीठ में छुरा घोपने का काम कर रही है।
भारत और अमेरिका के बीच डील को लेकर विरोध हो रहा है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की तरफ से कहा गया कि इस डील की वजह है कि कृषि और डेयरी उत्पादों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। संयुक्त किसान मोर्चा ने आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौता भारतीय कृषि का अमेरिकी मल्टीनेशनल कंपनियों के सामने “पूरी तरह से आत्मसमर्पण” है। इस तरह के फैसलों के लिए पीयूष गोयल को इस्तीफा दे देना चाहिए।
