नासिक में सेना ने दिखाई ताकत, पिनाक और के-9 वज्र ने दिखाया दम
- दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- January 21, 2026
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नासिक। नासिक में भारतीय सेना ने अभ्यास सैन्य अभ्यास ‘तोपची’ में शक्ति प्रदर्शन किया। इसमें के-9 वज्र, एम-777 होवित्जर और पिनाका रॉकेट सिस्टम ने दम लगाए। पहली बार बीएसएफ और नौसेना भी इसमें शामिल हुए।
नासिक में आज बुधवार को सेना की रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी के सालाना सैन्य अभ्यास ‘तोपची’ का आयोजन किया। इस दौरान सेना ने देवलाली फील्ड फायरिंग रेंज में अपनी गोला-बारूद की ताकत दिखाई। यहां के-9 वज्र और एम-777 अल्ट्रा लाइट होवित्जर जैसी तोपों ने आग उगली। कार्यक्रम में स्वदेशी रूप से निर्मित आर्टिलरी सिस्टम सहित कई अन्य शैन्य हथियार ने अपनी ताकत दिखाई।
अत्याधुनिक हथियारों का प्रदर्शन
इस कार्यक्रम में तोपों, मोर्टार, रॉकेट, ड्रोन और विमानन तकनीकों का बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। यहां के-9 वज्र, एम-777, बोफोर्स, धनुष, इंडियन फील्ड गन, लाइट फील्ड गन और पिनाका मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर ने अपनी मारक क्षमता से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कमेंट्री में बताया गया कि इनमें से कई हथियारों का इस्तेमाल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में हो चुका है।
बीएसएफ और नौसेना भी शामिल
इस साल का आयोजन इसलिए भी खास था क्योंकि पहली बार सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और भारतीय नौसेना के जवानों ने भी इसमें हिस्सा लिया। इसके अलावा, पैराशूट रेजिमेंट के जवानों ने पैरामीटर और हैंग-ग्लाइडर के साथ अभ्यास के दौरान अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया।
अत्याधुनिक हथियारों का प्रदर्शन
इस कार्यक्रम में तोपों, मोर्टार, रॉकेट, ड्रोन और विमानन तकनीकों का बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। यहां के-9 वज्र, एम-777, बोफोर्स, धनुष, इंडियन फील्ड गन, लाइट फील्ड गन और पिनाका मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर ने अपनी मारक क्षमता से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कमेंट्री में बताया गया कि इनमें से कई हथियारों का इस्तेमाल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में हो चुका है।
बीएसएफ और नौसेना भी शामिल
इस साल का आयोजन इसलिए भी खास था क्योंकि पहली बार सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और भारतीय नौसेना के जवानों ने भी इसमें हिस्सा लिया। इसके अलावा, पैराशूट रेजिमेंट के जवानों ने पैरामीटर और हैंग-ग्लाइडर के साथ अभ्यास के दौरान अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया।
