दिल्ली की जहरीली हवा,क्रॉनिक बीमारियों का खतरा

 दिल्ली की जहरीली हवा,क्रॉनिक बीमारियों का खतरा
नई दिल्ली। नई दिल्ली-एनसीआर में जहरीली हवा को स्वास्थ्य विशेषज्ञ खतरनाक मान रहे हैं। इससे क्रॉनिक बीमारियों का खतरा तो बढ़ता ही है साथ ही ये आपके दिमाग की कार्यक्षमता को भी प्रभावित करने वाली हो सकती है। लोगों में याददाश्त, सोचने-समझने की क्षमता कम होने का जोखिम बढ़ सकता है।
राजधानी दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार सुबह दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) गंभीर श्रेणी में औसतन 418 दर्ज किया गया। वहीं  आनंद विहार में 462,  बुराड़ी में 460, और चांदनी चौक इलाके में 454 एक्यूआई दर्ज किया गया है। इससे पहले रविवार सुबह एक्यूआई 437 था। कड़ाके की ठंड के बीच बढ़ता वायु प्रदूषण सेहत के लिए मुश्किलें बढ़ाता जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बनी हुई गंभीर वायु गुणवत्ता का मुख्य कारण मौसम का मिजाज है।  तापमान में कमी के कारण प्रदूषण के स्तर में भारी वृद्धि हुई है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते वायु गुणवत्ता जो नीचे फंसी हुई ठंडी हवा को ऊपर उठने नहीं देती है। इसी ठंडी हवा में गाड़ियों का धुआं और निर्माण की धूल जैसे प्रदूषक जमा हो जाते हैं। जब बारिश नहीं होती और हवा भी धीरे चलती है, तो यह फंसा हुआ प्रदूषण बाहर नहीं निकल पाता, जिससे स्थिति कई गुना खराब हो जाती है।
हवा की इस तरह की गुणवत्ता को स्वास्थ्य विशेषज्ञ बेहद खतरनाक मान रहे हैं। इससे क्रॉनिक बीमारियों का खतरा तो बढ़ता ही है साथ ही दिल के मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए इस तरह की हवा कई तरह की दिक्कतें बढ़ाने वाली हो सकती है।