उत्तराखण्ड धामी सरकार के चार वर्ष की उपलब्धियों पर आयोजित विचार गोष्ठी संपन्न
सी एम पपनै
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सरकार की प्रमुख उपलब्धियों, विकासात्मक कार्यों एवं सुशासन पर केंद्रित एक विचार गोष्ठी का आयोजन 10 जनवरी को नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड निवास चाणक्य पुरी में उत्तराखंड राज्य सरकार प्रवासी राज्यमंत्री पूरन चंद्र नैलवाल की अध्यक्षता, मुख्यमंत्री उत्तराखंड मीडिया सलाहकार समिति अध्यक्ष प्रो. गोविन्द सिंह के मार्ग दर्शन, भारतीय जनता युवा मोर्चा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेहा जोशी के सानिध्य तथा मुख्यमंत्री मीडिया समन्वयक मदन मोहन सती के द्वारा आयोजित की गई।

आयोजित विचार गोष्ठी का स्वागत संबोधन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मीडिया समन्वयक मदन मोहन सती के द्वारा सभी वक्ताओं व उत्तराखंड निवास सभाकक्ष में बड़ी संख्या में उपस्थित प्रबुद्ध जनों का स्वागत अभिनन्दन कर तथा मुख्य वक्ताओं को अंगवस्त्र तथा पुष्पगुच्छ प्रदान कर तथा स्क्रीन पर भूपेंद्र बसेडा द्वारा उत्तराखंड सरकार द्वारा विगत चार वर्षो में किए गए कार्यों पर रचित-
पैली पैली बार,
उत्तराखंड सरकार चली जन जन द्वार…
गीत का फिल्म प्रदर्शन किया गया।

आयोजित विचार गोष्ठी मुख्य संबोधन मुख्यमंत्री मीडिया सलाहकार समिति अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह द्वारा किया गया। कहा गया, पहले मदन मोहन सती जी के द्वारा बड़े जतन से उत्तराखंड सदन में अनौपचारिक गैर राजनैतिक बैठकै हुआ करती थी। पहली बार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में बीते चार वर्षों में राज्य सरकार के सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया है। कहा गया, धामी जी के विगत चार वर्षो के कार्यकाल में सड़क, रेल, हवाई संपर्क, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। निवेश प्रोत्साहन, औद्योगिक विकास, स्टार्ट-अप्स, रोजगार सृजन और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति सुदृढ़ हुई है।

प्रो. गोविंद सिंह द्वारा कहा गया, पंद्रह कार्य राज्य में पहली बार हुए हैं, जो पहले कभी नहीं हुए थे। सौ के करीब हुई उपलब्धियों पर हम चर्चा कर सकते हैं, आगे जिन पर चर्चा हो सकती है। अवगत कराया गया, 58 उपलब्धियों को सभाकक्ष में वितरित की गई महत्वपूर्ण पुस्तिका में स्थान दिया गया है। कोशिश रही है भविष्य में आने वाली सरकारे ऐसे कार्य करें जिन्हें आजतक कोई भी सरकार नहीं कर पाई है। न ही कोई राज्य सरकार ऐसा कार्य कर पाई है। अवगत कराया गया, यूसीसी पर अब गुजरात सरकार भी गौर फरमाने लगी है।

प्रोफेसर गोबिंद सिंह द्वारा धामी सरकार के विगत चार वर्षो में रोजगार, नया सख्त भू-कानून, यातायात, रेलवे प्रोजेक्ट, धर्मांतरण विरोधी कानून, सरकारी जमीन पर जबरन कब्जे हटाने पर फोकस, सरकार द्वारा दस हजार एकड़ भूमि अधिग्रहण वापस लिए जाने, अल्प संख्यक शिक्षा विधेयक के अंतर्गत सबके लिए समान कानून, धार्मिक स्थलों के सुधार कार्यक्रम के तहत मानस मंदिर विकास योजना के मुख्य लक्ष्य के तहत करीब 450 मानस माला मंदिरों के अंदर आने वाले मंदिरों की विकास योजना, सीमांत गांवों को बसाए जाने तथा सुविधाए मुहैया कराए जाने, एपल और कीवी योजना इत्यादि इत्यादि किए गए कार्यों के बावत अवगत कराया गया।

आयोजित विचार गोष्ठी वक्ता बी एस नेगी द्वारा कहा गया, मुख्यमंत्री धामी के धरातल से जुड़े कार्यक्रम रहे। कहा गया, काम करने वाले आदमी से उम्मीदें बढ़ जाती है, धामी जी से भी लोगों की उम्मीदें बढ़ी हैं। उत्तराखंड समृद्धि की ओर अग्रसर हो रहा है। औद्योगिक विकास बढ़ाने की बहुत सम्भावनाए हैं, धामी सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। कहा गया, रामनगर से गैरसैंण रेल लाइन क्यों नहीं बन सकती है। रोपवे डभलपमैंट कंपनी बनाई जानी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों का विकास हो। उत्तराखंड आंदोलनकारियों व स्वतंत्रता सेनानियो के गांवों का सुधार किया जाना चाहिए, जिससे राष्ट्रीय भावना बढ़ेगी। कहा गया, आदि कैलाश का कार्य सराहनीय है। रिवर्स पलायन तब होगा जब गांवों का समुचित विकास होगा। गैस लाइन का विस्तार हरिद्वार से कोटद्वार तक किया जाना चाहिए।

आयोजित विचार गोष्ठी में नेहा जोशी द्वारा कहा गया, राज्य सरकार ने विकास, विश्वास और सुशासन के नए मानदंड स्थापित किए हैं। भ्रष्टाचार पर नियंत्रण, प्रशासनिक सुधार, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के लिए रोजगार और वंचित वर्गों के कल्याण की दिशा में ठोस कार्य किए गए हैं।

अन्य वक्ताओं एस सी गड़कोटी (जेएनयू), प्रो. पी के जोशी (जेएनयू), प्रो, सुष्मिता रजवार (जेएनयू), प्रो. पवन कुमार मैठानी, डॉ. स्वर्ण रावत, लक्ष्मी रावत, महेश सिंह बिष्ट, महिपाल सिंह, डॉ. भुवन पांडे, डॉ. आर एस रौतेला जी टी बी हॉस्पिट, गोपाल उप्रेती, नरेंद्र मनराल, प्रो. गोपाल दत्त सती (पीजीडीएभी) संतोष पांडे (सीएस) इत्यादि द्वारा धामी सरकार की चार वर्षो की उपलब्धियों पर कहा गया, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सतत विकास में देश के राज्यों में नंबर एक बना। लगातार चार वर्षो से धामी मुख्यमंत्री बने हुए हैं यह बड़ी उपलब्धि है। सोलर ऊर्जा पर सरकार द्वारा सबसिडी देने तथा होमस्टे योजना लागू होने से लोगों की कमाई हो रही है। अभी तक 5700 होमस्टे राज्य में रजिस्टर्ड हो चुके हैं।

वक्ताओं द्वारा कहा गया, मुख्यमंत्री धामी द्वारा राज्य के लोगों से संवाद कर जन को नजदीक से जाना है। लोगों की चाह पर अंकिता भंडारी केस में धामी जी सीबीआई जांच को तैयार हुए। धामी जी ने उत्तराखंड के लोगों के मन में उम्मीद का संचार किया है। जन को आत्म विश्वास दिया है।
वक्ताओं द्वारा कहा गया, उत्तराखंड के गांव खाली होना अंचल के लिए ही नहीं देश का नुकसान है, खतरा है। 165 हज़ार लखपति दीदी का लक्ष्य उत्तराखंड ने धामी के नेतृत्व में पूर्ण किया है। वक्ताओं द्वारा कहा गया, उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान और विधिसम्मत शासन व्यवस्था के संरक्षण के लिए संकल्पबद्ध है। अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए 10,000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि मुक्त कराई गई है। शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमों का पालन न करने वाले मदरसों पर कार्रवाई की गई है। इस अवसर पर समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, दंगा विरोधी एवं धर्मांतरण विरोधी कानून जैसे ऐतिहासिक निर्णयों को उत्तराखण्ड सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धियों के रूप में रेखांकित किया गया।
वक्ताओं द्वारा सिल्क्यारा टनल हादसे में की गई सरकार की पहल पर भी विचार व्यक्त किए गए। वक्ताओं द्वारा कहा गया, अच्छी शिक्षा किसी भी राज्य के लोगों को बढ़ा सकती है। आज उत्तराखंड में शिक्षा के क्षेत्र में अनेकों संस्थान हैं। लुप्त हो रही भाषाओं पर कार्य करना जरूरी है। स्वास्थ और शिक्षा के क्षेत्र में सरकार अधिक ध्यान दे। हर जिले मे एक ट्रामा सेंटर और आईसीयू खुले। ज्यादा मेडिकल कालेज खोले जाए। वक्ताओं द्वारा कहा गया, धामी जी ने विगत चार वर्षो में जो स्वास्थ के क्षेत्र में कार्य किए हैं वे प्रकाशित बुकलेट में प्रकाशित नहीं है।
वक्ताओं द्वारा कहा गया, धामी की सरकार जन जन की सरकार, घर घर की सरकार है। धामी जी ने प्रवासियों के लिए संपर्क और संवाद दो विभिन्न माध्यमों से पहुंच बनाई है जो सराहनीय है। सात करोड़ से ज्यादा पर्यटक उत्तराखंड प्रतिवर्ष जा रहा है।
वक्ताओं द्वारा कहा गया, स्वास्थ और शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ज्यादा ध्यान दे। उत्तराखंड सरकार महिलाओं के लिए कितनी योजनाएं बना रही है यह अति महत्वपूर्ण है। महिलाओं के प्रति हो रहे अन्याय को यूसीसी के द्वारा रोकने में बल मिल सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कर प्रवासियों को कैसे प्रभावित किया जाए योजना बनना जरूरी है। पर्यावरण के प्रति लोग कितने जागरूक हैं यह देखना होगा। पहाड़ की प्रकृति का हास देश का हास होगा। पर्यावरण के क्षेत्र में जागरूकता हिमालई राज्यों के लिए जरूरी है। अंचल में हो रही आपदाओं के कारणों पर जाना होगा। इसके इंश्योरेंस पर चर्चा की जा सकती है। उत्तराखंड का पर्यावरण ठीकठाक है इस पर योजना बना इसे और बेहतर बनाया जाए। उत्तराखंड में किया जा रहा हर कार्य मिशन पहाड़ होना चाहिए न कि मिशन उत्तराखंड।
आयोजित विचार गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे प्रवासी राज्यमंत्री पूरन चंद्र नैलवाल द्वारा कहा गया, विगत वर्ष दिल्ली और हरियाणा विधान सभाओं में धामी जी ने स्टार प्रचारक के रूप में कार्य कर भूमिका निभाई। दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार बनी। विश्व के अनेकों देशों में भी धामी जी की गूंज रही। यूसीसी और सिल्क्यारा टनल हादसे में धामी जी की भूमिका सराही गई। धामी जी के नेतृत्व में जी 20 सम्मेलन में तीन सम्मेलन उत्तराखंड में सफलता पूर्वक आयोजित किए गए। राज्य में पहली बार राष्ट्रीय खेल आयोजन किए गए, राज्य के खिलाड़ियों ने अनेकों पदक भी हासिल किए। राज्य में अनेकों खेल स्टेडियम भी बने हैं। उत्तर प्रदेश में रह कर जो अंचल के लोग हासिल नहीं कर सके वह सब उत्तराखंड राज्य में अब प्राप्त हो रहा है।
प्रवासी राज्यमंत्री पूरन चंद्र नैलवाल द्वारा कहा गया, कोई भी व्यक्ति अपने कार्य हेतु धामी जी से मिल सकता है। विश्व में उत्तराखंड का नाम ऊंचा है। दो प्रवासी सम्मेलन धामी जी के कार्यकाल में हो चुके हैं। धामी जी की चाहत रही है हर उत्तराखंडी अपने अंचल से जुड़े। अवगत कराया गया, टिहरी के लोग सबसे ज्यादा अपने गांवों से जुड़े हुए हैं। उक्त क्षेत्र के अनेक समृद्ध प्रवासी जनों द्वारा गांव गोद लिए गए हैं। अंचल के अन्य क्षेत्र के लोग भी ऐसा करें।
प्रवासी राज्यमंत्री पूरन चंद्र नैलवाल द्वारा कहा गया, हम सभी गढ़वाल, कुमाऊ नहीं उत्तराखंड का नाम लें। हमें मानसिकता बदलनी होगी। युवा मुख्यमंत्री के मिशन पर मिलजुल कर काम करे। उत्तराखंड राज्य को समृद्ध राज्य बनाए।
आयोजित विचार गोष्ठी के इस अवसर पर प्रवासी राज्यमंत्री पूरन चंद्र नैलवाल, उत्तराखंड मुख्यमंत्री सलाहकार समिति अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह बिष्ट तथा मुख्यमंत्री मीडिया समन्वयक मदन मोहन सती के कर कमलों रंजन मिश्रा, खुशहाल सिंह रावत, चंद्र मोहन पपनै, ममता पांगती, महेंद्र लटवाल, अजय सिंह बिष्ट इत्यादि इत्यादि को अंगवस्त्र ओढ़ा कर व पुष्पगुच्छ प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयोजित विचार गोष्ठी का मंच संचालन बिजनस उत्तरायणी संस्थापक नीरज बावड़ी द्वारा बखूबी किया गया।
