इस साल दो ज्येष्ठ माह, 10 दिन पहले होली और 17 दिन बाद दिवाली

 इस साल दो ज्येष्ठ माह, 10 दिन पहले होली और 17 दिन बाद दिवाली

नई दिल्ली। इस साल 2026 अधिमास के चलते पिछले साल से 10 दिन पहले होली और 17 दिन देरी से दिवाली मनाई जाएगी। विवाह की लग्न चार फरवरी से शुरू होंगे।

हिंदी पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 अधिकमास वाला है। अधिकमास में आठ साल बाद दो ज्येष्ठ माह होते हैं। पिछली बार अधिमास में दो सावन थे। साल 2026 में इस बार 13 माह होंगे। इसमें पिछले साल की अपेक्षा ज्यादातर त्योहारों में बदलाव दिखेगा। इस साल शुरुआत के छह महीने में त्योहार पिछले साल से 10 दिन पहले पड़ेंगे और अगले छह महीने में त्योहार 16 से 19 दिन देर से पड़ेंगे। इसलिए इस बार होली 10 दिन पहले चार मार्च को पड़ेगी और दीपावली पिछले साल से 17 दिन देरी से यानी आठ नवंबर को मनाई जाएगी।

हर तीन साल में सौर कैलेंडर

अधिक मास को पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार अधिकमास एक अतिरिक्त चंद्र माह होता है, जो हर तीन साल में सौर कैलेंडर में जोड़ा जाता है। जिस तरह अंग्रेजी कैलेंडर में लीप ईयर होता है, उसी तरह पंचांग में अधिकमास होता है। सौर वर्ष 365 दिन और चंद्र वर्ष 364 दिनों का होता है। ज्योतिष के आधार पर तीन वर्ष में चंद्र और सूर्य वर्ष के बीच आए इन्हीं 11 दिनों के अंतर को खत्म करने के लिए तीन साल में एक बार एक अधिकमास आता है।

ये हैं तीज त्यौहारों की तिथि, संक्रांति में बदलाव नहीं

अधिकमास का प्रभाव 19 मार्च से शुरू होगा। मकर संक्रांति 14 जनवरी को है। जनवरी में तीन को माघी पूर्णिमा, छह को गणेश चतुर्थी, 18 को मौनी अमवस्या, 23 को वसंत पंचमी, फरवरी में एक को संत रविदास जयंती, तीन को शब ए बरात, 15 को महाशिवरात्रि, 27 को रंगभरी एकादशी, 28 को मशाने की होली, मार्च में दो को होलिका दहन, चार को होली, 19 को चैत्र नवरात्र, 27 को रामनवमी, 31 को महावीर जयंती, अप्रैल गुड फ्राइडे, 20 को अक्षय तृतीया, 16 को बट सावित्री व्रत, 26 को गंगा दशहरा, 28 को बकरीद, जून में 26 को मुहर्रम, अगस्त में चार को चेहल्लुम, 17 को नागपंचमी, 26 को बरावफात, 28 को रक्षाबंधन, 31 को कजरी, सितंबर में दो को ललही छठ, चार को श्रीकृष्णजन्माष्टमी, 17 को हरितालिका तीज, 17 को लोलार्क छठ, 27 से पितृपक्ष, अक्तूबर में तीन को जिउतिया, 20 को विजयदशमी, 29 को करवाचौथ, नवंबर में छह को धनतेरस व नरकचतुर्दशी, आठ को दिवाली, नौ को गोवर्धन पूजा, 10 को भइयादूज पड़ेगा।

दो माह का होगा चैत्र मास

ज्योतिषीय गणना में पुरुषोत्तम मास चक्र चलते रहे। इसमें हर तीन साल पर एक मास पर अधिकमास का आता है, जो दो महीने का पड़ता है। अगले 11 साल यानी 2037 में दोबारा ज्येष्ठ मास आएगा। जबकि पिछले करीब 40 वर्षों में 1988, 1999, 2007, 2017 ज्येष्ठ मास दो माह का पड़ चुका है। अगला अधिकमास 2029 में चैत्र मास, 2031 तक भाद्र मास, 2034 में आषाढ़ पर होगा।