कौन है वो जो बना प्रशिक्षु महिला सिपाही की मौत का कारण?

 कौन है वो जो बना प्रशिक्षु महिला सिपाही की मौत का कारण?
 सुसाइड से पहले चैटिंग-वीडियो कॉल
कानपुर। कन्नौज में रिजर्व पुलिस लाइन के छात्रावास में प्रशिक्षु महिला सिपाही ने फंदा लगाकर जान देने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। प्रशिक्षु महिला आरक्षी को एटा का ही एक युवक परेशान कर रहा था और नौकरी छोड़ने का दबाव बना रहा था। इसी से परेशान होकर प्रशिक्षु आरक्षी ने मौत को गले लगा लिया। पुलिस ने आरक्षी के पिता की तहरीर पर युवक के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। एटा जिले के जलेसर के तोप चौराहा स्थित मोहल्ला हठौड़ा निवासी श्यामवीर सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि बेटी का आरक्षी में चयन हो गया और वह प्रशिक्षण करने के लिए कन्नौज आ गई थी। बेटी ने बताया था कि एटा के माधवनगर निवासी देवेश उर्फ देबू यादव उसे परेशान करता है और नौकरी छोड़ने का दबाव बना रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवक से परेशान होकर बेटी ने फंदा लगाकर जान दे दी।
सीओ सिटी अभिषेक प्रताप अजेय ने बताया कि प्रशिक्षु महिला आरक्षी के पिता की तहरीर पर युवक पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई करेगी।
मोबाइल से खुलेगा खुदकुशी का राज
पुलिस लाइन के छात्रावास में प्रशिक्षु महिला सिपाही का मोबाइल पुलिस ने कब्जे में लिया है। इसी मोबाइल से आत्महत्या का राज खुलेगा। बताया गया कि खुदकुशी से पहले सिपाही रानू जादौन की चैटिंग किसी से हुई थी और उसने वीडियो कॉल भी की थी। हालांकि पुलिस के आला अधिकारी कुछ भी बताने से कतरा रहे हैं और घटना की जांच होने की बात कह रहे हैं। देर शाम एटा जिले के जलेसर कस्बे के मोहल्ला हथौड़ा निवासी श्यामवीर सिंह, भाई विनय कुमार जादौन, मां ऊषा देवी व बहन राधा देवी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। बेटी का शव देख मां व बहन बेसुध हो गईं, जिन्हें महिला पुलिस कर्मियों ने संभाला।
परिजनों में चीखपुकार मच गई। बेटी की पुलिस में नौकरी लगने से परिजन खुश थे। वहीं इस बज्रपात को सहन नहीं कर पा रहे थे। पिता व भाई भी इस घटना को लेकर स्तब्ध हैं और कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं।
इस मामले में उसके साथ प्रशिक्षण ले रहीं अन्य प्रशिक्षु महिला सिपाही भी इस बारे में बताने से कतरा रही हैं। फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर जाकर साक्ष्य एकत्र किए। एसपी विनोद कुमार का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर मामले की तहकीकात चल रही है।
बेटी को वर्दी में देखने की चाहत खत्म
श्यामवीर खेतीबाड़ी करते हैं और मां उषा देवी गृहिणी हैं। बड़ी बेटी राधा की शादी हो चुकी है। छोटी बेटी रानू जादौन शुरू से ही पढ़ने में होशियार थी। रानू का सपना था कि वह समाज की सेवा करेगी और माता-पिता ने उसका पूरा सहयोग किया। बेटी ने सिपाही भर्ती की परीक्षा भी उत्तीर्ण कर ली।