पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी पर राहुल गांधी ने दागा सरकार पर निशाना
- दिल्ली राजनीति राष्ट्रीय
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- May 15, 2026
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Political Trust Magazine
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (एलओपी) राहुल गांधी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार की गलती की कीमत जनता चुकाएगी। राहुल गांधी ने भविष्य में भी तेल कीमतों में इजाफा होने की आशंका व्यक्त की है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “गलती सरकार की, कीमत जनता चुकाएगी। 3 रुपए का झटका आ चुका, बाकी वसूली किस्तों में की जाएगी।” वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि देश की जनता को ये समझना होगा कि इस समय वैश्विक ईंधन संकट के साथ-साथ भारत में आर्थिक संकट की बड़ी वजह सरकार में नेतृत्व संकट, दूरदर्शी सोच का अभाव है और अक्षमता कूट-कूट कर भरी है।खड़गे ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “ये संकट सरकार की ओर से लाया गया संकट है, जिसका खामियाजा देश की जनता को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी पर अपनी जेब से भरना पड़ रहा है। जब डीजल के दाम बढ़ते हैं तो पूरे देश में महंगाई का असर पड़ता है। उद्योगों से लेकर घरेलू बजट व किसानों तक सब पर बुरा असर पड़ता है।” कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जब पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू हुई, तो देश को बताया गया कि ‘सब चंगा सी’ और कांग्रेस पार्टी के सवालों को नकारा गया।
कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उल्टा अमेरिकी ‘अनुमति’ और ‘इजाजत’ के चलते हमारी संप्रभुता को गिरवी रखा गया। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान सरकार ऐसे बरताव करती है कि ‘सब सामान्य है’ और केंद्र सरकार का काम केवल राज्यों में चुनाव लड़ना है। अब जब संकट बढ़ रहा है तो प्रधानमंत्री ‘वर्क फ्रॉम होम’ और ईंधन बचाने का झुनझुना बजाने लगे। खड़गे ने सरकार से पूछा, “मार्च में जो रूसी तेल खरीदने का 30-दिन की छूट दी थी, जिसमें अमेरिका ने ‘इजाजत’ और ‘अनुमति’ जैसे अपमानजनक शब्द लिखे थे, खबरों के अनुसार अब भारत सरकार उस छूट का विस्तार चाहती है। सवाल है कि सरकार ने देश को ‘अनुमति’ मांगने की स्थिति में क्यों पहुंचा दिया है?”
कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उल्टा अमेरिकी ‘अनुमति’ और ‘इजाजत’ के चलते हमारी संप्रभुता को गिरवी रखा गया। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान सरकार ऐसे बरताव करती है कि ‘सब सामान्य है’ और केंद्र सरकार का काम केवल राज्यों में चुनाव लड़ना है। अब जब संकट बढ़ रहा है तो प्रधानमंत्री ‘वर्क फ्रॉम होम’ और ईंधन बचाने का झुनझुना बजाने लगे। खड़गे ने सरकार से पूछा, “मार्च में जो रूसी तेल खरीदने का 30-दिन की छूट दी थी, जिसमें अमेरिका ने ‘इजाजत’ और ‘अनुमति’ जैसे अपमानजनक शब्द लिखे थे, खबरों के अनुसार अब भारत सरकार उस छूट का विस्तार चाहती है। सवाल है कि सरकार ने देश को ‘अनुमति’ मांगने की स्थिति में क्यों पहुंचा दिया है?”
