पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में मतदाता ने मतदान ने इतिहास रच दिया, रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग

 पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में मतदाता ने मतदान ने इतिहास रच दिया, रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग
Political Trust Magazine 
कोलकाता/चेन्नई: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में गुरुवार को विधानसभा चुनाव के लिए हुए मतदान ने इतिहास रच दिया है। अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुए इस मतदान में मतदाताओं ने रिकॉर्ड भागीदारी सुनिश्चित की। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इसे स्वतंत्रता के बाद की सर्वोच्च भागीदारी बताते हुए मतदाताओं का आभार व्यक्त किया है।
पश्चिम बंगाल: 152 सीटों पर 92.07% ऐतिहासिक मतदान
पश्चिम बंगाल की कुल 294 सीटों में से पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान हुआ। राज्य में कुल 92.07 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। दक्षिण दिनाजपुर जिला 94.50% वोटिंग के साथ सबसे आगे रहा, जबकि केलिमपोंग में सबसे कम 82.89% मतदान हुआ। बीरभूम और दक्षिण दिनाजपुर जैसे कुछ इलाकों में राजनीतिक झड़पों और मारपीट की छिटपुट घटनाएं सामने आईं, जहां पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। पहले चरण के साथ ही 1478 प्रत्याशियों की चुनावी किस्मत अब EVM में बंद हो गई है।
तमिलनाडु: सभी 234 सीटों पर 84.93% भारी वोटिंग
तमिलनाडु में विधानसभा की सभी 234 सीटों पर एक ही चरण में मतदान संपन्न हुआ। राज्य में कुल 84.93 प्रतिशत वोट पड़े, जो एक नया रिकॉर्ड है। भीषण गर्मी के बावजूद सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं। यहां मुख्य मुकाबला द्रमुक (DMK) और अन्नाद्रमुक-भाजपा (AIADMK-BJP) गठबंधन के बीच माना जा रहा है, हालांकि अभिनेता विजय की पार्टी ‘टीवीके’ ने कई सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।
दोनों राज्यों में अब दूसरे चरण (बंगाल की शेष 142 सीटें) के लिए 29 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि सभी सीटों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।