मतदान के लिए मिलेगा अवकाश, नियम का उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

 मतदान के लिए मिलेगा अवकाश, नियम का उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ने आगामी विधानसभा चुनावों और उपचुनावों के मद्देनजर मतदाताओं के पक्ष में एक बड़ा फैसला सुनाया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान के दिन संबंधित राज्यों के सभी सरकारी और निजी संस्थानों में सवेतन अवकाश रहेगा। आयोग ने सख्त लहजे में कहा है कि यदि कोई भी संस्थान इस नियम का उल्लंघन करता है या कर्मचारी का वेतन काटता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं। साथ ही गोवा, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नागालैंड और त्रिपुरा की 8 सीटों पर उपचुनाव संपन्न होंगे। 09 अप्रैल को असम, केरल, पुडुचेरी, गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा, 23 अप्रैल को तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल (प्रथम चरण) तथा  29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल (द्वितीय चरण) का मतदान होगा। चुनाव आयोग ने मतदान की इन तिथियों में सरकारी के अलावा असंगठित संस्थानों मे कार्यरत मतदाताओं के लिए सवेतन अवकाश घोषित किया है
आपका अधिकार, आयोग की गारंटी
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135B का हवाला देते हुए आयोग ने बताया कि किसी भी व्यवसाय, व्यापार या औद्योगिक उपक्रम में कार्यरत हर व्यक्ति, जो मतदान का हकदार है, उसे छुट्टी पाने का वैधानिक अधिकार है। यह नियम केवल स्थायी कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि दिहाड़ी और आकस्मिक कर्मचारियों पर भी समान रूप से लागू होता है।
बाहर काम करने वालों के लिए विशेष राहत
अक्सर देखा जाता है कि लोग दूसरे जिलों या शहरों में काम करने के कारण वोट डालने नहीं जा पाते। इस बार आयोग ने साफ किया है कि यदि कोई मतदाता अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर किसी औद्योगिक या वाणिज्यिक प्रतिष्ठान में कार्यरत है, तो उसे भी वोट डालने के लिए सवेतन अवकाश दिया जाएगा।