बसंत पंचमी पर नमाज का समय तय करने की मांग, शांति बनाए रखने की अपील
- उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय
Political Trust
- January 22, 2026
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भोपाल। इस बार शुक्रवार के दिन ही जुमा नमाज और बसंत पंचमी की पूजा होेगी। ऐसे में धार प्रशासन के लिए कड़ी परीक्षा की घड़ी है। भोजशाला परिसर में नमाज के साथ-साथ मां वागदेवी की भी पूजा होगा। ऐसे में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का एक बयान भी सामने आया है।
धार जिले की भोजशाला एक बार फिर प्रशासन और पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने है। वर्ष 2026 में बसंत पंचमी शुक्रवार यानि 23 जनवरी को पड़ रही है। यह संयोग पहले भी तीन बार 2006, 2013 और 2016 में बन चुका है और उन सभी मौकों पर क्षेत्र में तनावपूर्ण हालात देखने को मिले थे। ऐसे में इस बार पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खास सतर्कता बरती जा रही है।
दिग्विजय सिंह ने कहा?
इस वर्ष बसंत पंचमी का त्योहार शुक्रवार को आ रहा है। पूर्व में भी आया है और केंद्र सरकार के निर्णय अनुसार धार जिला प्रशासन ने उसे शांति से दोनों पक्षों से मिल कर मनाने की व्यवस्था की थी। मैं प्रशासन व सरकार से ये कहना चाहूँगा कि ASI द्वारा 2003, 2013 व 2016 में पहले ही अपने दिए गए आदेश में यह सपष्ट कर चुका है कि जब भी कभी बसंत पंचमी का त्योहार और शुक्रवार की नमाज़ साथ में होती है तो बसंत पंचमी की पूजा सूर्योदय से लेकर दोपहर तक और उसके बाद 3:30 बजे से सूर्यास्त तक की जाएगी और दोपहर का समय शुक्रवार की नमाज अदा करने के लिए छोड़ा जाएगा।
दिग्विजय सिंह ने कहा?
इस वर्ष बसंत पंचमी का त्योहार शुक्रवार को आ रहा है। पूर्व में भी आया है और केंद्र सरकार के निर्णय अनुसार धार जिला प्रशासन ने उसे शांति से दोनों पक्षों से मिल कर मनाने की व्यवस्था की थी। मैं प्रशासन व सरकार से ये कहना चाहूँगा कि ASI द्वारा 2003, 2013 व 2016 में पहले ही अपने दिए गए आदेश में यह सपष्ट कर चुका है कि जब भी कभी बसंत पंचमी का त्योहार और शुक्रवार की नमाज़ साथ में होती है तो बसंत पंचमी की पूजा सूर्योदय से लेकर दोपहर तक और उसके बाद 3:30 बजे से सूर्यास्त तक की जाएगी और दोपहर का समय शुक्रवार की नमाज अदा करने के लिए छोड़ा जाएगा।
