कफ सिरप में मिला एथिलीन ग्लाइकोल, हाजीपुर की दवा कंपनी पर प्रतिबंध
- दिल्ली राष्ट्रीय स्वास्थ्य
Political Trust
- January 19, 2026
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पटना। हाजीपुर की ट्रिडस रेमेडीज द्वारा निर्मित बच्चों के कफ सिरप में एथिलीन ग्लाइकोल मिला है। इससे उस पर प्रतिबंध लगा दिया है। जांच के बाद कंपनी का गेट बंद मिला है।
वैशाली जिले के हाजीपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित कफ सिरप निर्माता कंपनी ट्रिडस रेमेडीज पर तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में प्रतिबंध लगने के बाद अब कंपनी के गेट पर ताला लटका मिला है। बताया जा रहा है कि जिन बच्चों के कफ सिरप पर तेलंगाना में प्रतिबंध लगाया गया है, उसका निर्माण हाजीपुर के औद्योगिक थाना क्षेत्र स्थित इसी कंपनी में किया जाता था। स्थानीय लोगों के अनुसार कंपनी के गेट पर कई दिनों से ताला लटका हुआ है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों का कहना है कि दवा कंपनी पर बहुत जल्द कार्रवाई की जा सकती है।
मालूम हो कि केंद्रीय ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा अक्तूबर माह में ट्रिडस रेमेडीज में निर्मित सिरप का सैंपल लिया गया था, जिसकी रिपोर्ट कुछ दिन पहले आई है। जांच रिपोर्ट में अल्मोंट-किड सिरप में एथिलीन ग्लाइकोल जैसे घातक रसायन की मौजूदगी पाई गई है। इसके बाद केंद्रीय औषधि नियंत्रक ने इस दवा की बिक्री, वितरण और उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया।
यह सिरप बच्चों में एलर्जी के लक्षण जैसे नाक बहना, छींक आना, खुजली, सूजन, जलन और आंखों से पानी आने की स्थिति में दिया जाता था। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एथिलीन ग्लाइकोल अत्यंत विषैला रसायन है, जिसका सेवन बच्चों के लिए गंभीर स्वास्थ्य खतरा पैदा कर सकता है। इससे पहले तमिलनाडु में निर्मित एक सिरप में इसी रसायन की मिलावट पाए जाने पर मध्य प्रदेश में कई बच्चों की मौत का मामला सामने आ चुका है।
मालूम हो कि केंद्रीय ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा अक्तूबर माह में ट्रिडस रेमेडीज में निर्मित सिरप का सैंपल लिया गया था, जिसकी रिपोर्ट कुछ दिन पहले आई है। जांच रिपोर्ट में अल्मोंट-किड सिरप में एथिलीन ग्लाइकोल जैसे घातक रसायन की मौजूदगी पाई गई है। इसके बाद केंद्रीय औषधि नियंत्रक ने इस दवा की बिक्री, वितरण और उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया।
यह सिरप बच्चों में एलर्जी के लक्षण जैसे नाक बहना, छींक आना, खुजली, सूजन, जलन और आंखों से पानी आने की स्थिति में दिया जाता था। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एथिलीन ग्लाइकोल अत्यंत विषैला रसायन है, जिसका सेवन बच्चों के लिए गंभीर स्वास्थ्य खतरा पैदा कर सकता है। इससे पहले तमिलनाडु में निर्मित एक सिरप में इसी रसायन की मिलावट पाए जाने पर मध्य प्रदेश में कई बच्चों की मौत का मामला सामने आ चुका है।
