बांग्लादेश में नौ हिंदुओं की हत्या, दहशत में आए पत्रकारों ने मांगी सुरक्षा

 बांग्लादेश में नौ हिंदुओं की हत्या, दहशत में आए पत्रकारों ने मांगी सुरक्षा
ढाका। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा जारी है। दो और हिंदुओं की हत्या का मामला सामने आया है। आम नागरिकों के अलावा अखबारों पर भी हमले हो रहे हैं। पत्रकारों और संपादकों ने चिंताजनक माहौल का संज्ञान लेने की अपील करते हुए सरकार से सुरक्षा मांगी है।
बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या की वारदातें थम नहीं रही हैं। पिछले दो दिनों में दो अलग-अलग जिलों से दो हिंदुओं की हत्या कर दी गई। उन्मादी लोगों ने एक को पीट-पीट कर मार डाला, जबकि दूसरे को गाड़ी से कुचल कर मार डाला गया। हालात कितने गंभीर हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले एक महीने में इस पड़ोसी मुल्क में आठ हिंदुओं की हत्या की जा चुकी है।हिंसा के कारण हिंदू समुदाय में भारी आक्रोश है।
होटल कर्मचारी से कहासुनी के बाद मारपीट
पहली वारदात, बांग्लादेश के गाजीपुर जिले में शनिवार को हुई। यहां हिंदू कारोबारी लिटन चंद्र घोष उर्फ काली (55) की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। लिटन इलाके में बोयीशाखी स्वीट एंड होटल चलाते थे। स्थानीय पुलिस के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 11 बजे मासूम मिया (28) होटल पहुंचा। उसकी किसी बात को लेकर होटल कर्मचारी अनंत दास (17) से कहासुनी हो गई और जल्द ही कहासुनी मारपीट में बदल गई। थोड़ी देर बाद मासूम मिया के माता-पिता मोहम्मद स्वपन मिया (55) और मजीदा खातून (45) पहुंचे और झगड़े में शामिल हो गए।
लिटन ने जब बीच-बचाव कर अपने कर्मचारी को बचाने की कोशिश की तो हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने लिटन के सिर पर फावड़े से हमला किया। पुलिस के अनुसार, चोट इतनी गंभीर थी कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साएं स्थानीय लोगों ने तीनों आरोपियों मोहम्मद, मजीदा और मासूम को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस का कहना है मामले की जांच जारी है।