भारत-पाकिस्तान की अगली लड़ाई आरपार की? सैन्य अधिकारी ने दिये संकेत
नई दिल्ली। भारतीय सेना ने पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगली भिड़ंत सीमित युद्ध तक नहीं रहेगी। पश्चिमी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कटियार ने कहा कि पाकिस्तान दुस्साहस कर सकता है। ऐसे में उन्होंने भारतीय सेना की तैयारियों को लेकर कई अहम बाते बताई।
भारतीय सेना ने पाकिस्तान को लेकर बड़ा और सख्त संकेत दिया है। सेना की पश्चिमी कमान के कमांडर मनोज कटियार ने साफ कहा है कि पाकिस्तान के साथ अगली टकराव की स्थिति अब सीमित युद्ध तक सिमटने वाली नहीं हो सकती। उनका कहना है कि भविष्य की किसी भी भिड़ंत में भारत को पहले से ज्यादा तैयार रहना होगा, क्योंकि हालात तेजी से बदल चुके हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने कहा कि पाकिस्तान का सैन्य नेतृत्व अपने आंतरिक संकटों से ध्यान हटाने के लिए भारत के खिलाफ दुस्साहस कर सकता है। पाकिस्तान में सेना का दबदबा बनाए रखने के लिए टकराव का माहौल जरूरी समझा जाता है। शांति की स्थिति में वहां सेना की राजनीतिक और सामाजिक पकड़ कमजोर पड़ती है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के पास न तो पूरी ताकत है और न ही लंबे युद्ध की हिम्मत।
ड्रोन और तकनीक क्यों बनेंगे निर्णायक?
कटियार ने आधुनिक युद्ध की बदलती तस्वीर पर भी जोर दिया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ड्रोन की भूमिका अहम रही। भविष्य की लड़ाइयों में ड्रोन निर्णायक हथियार बन सकते हैं। सेना को ड्रोन तकनीक में जल्द से जल्द महारत हासिल करनी होगी।
युद्ध के नए मोर्चे कौन से हैं?
कटियार ने कहा कि आज की जंग सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रही। साइबर युद्ध से लेकर सूचना युद्ध और अंतरिक्ष आधारित क्षमताएं तक पहुंच चुका है। हालांकि उन्होंने साफतौर पर यह स्पष्ट किया कि अंतिम जीत का फैसला जमीन पर ही होता है।
जमीन पर कब्जा क्यों सबसे अहम?
युद्ध में हार-जीत का फैसला क्षेत्रीय नियंत्रण से होता है। इसलिए ऑपरेशनल ट्रेनिंग सबसे जरूरी है। प्रशासनिक और सेरिमोनियल गतिविधियों को सीमित करने की जरूरत है। युद्धक बलों का गैर-युद्धक कामों में इस्तेमाल कम किया जाना चाहिए।
