औपनिवेशिक मानसिकता से रेलवे को पूरी तरह मुक्त करना हमारी प्राथमिकता: अश्विनी वैष्णव

 औपनिवेशिक मानसिकता से रेलवे को पूरी तरह मुक्त करना हमारी प्राथमिकता: अश्विनी वैष्णव

नई दिल्ली। केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि भारतीय रेल को औपनिवेशिक मानसिकता से पूरी तरह मुक्त करना समय की आवश्यकता है और यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने यह बात आज नई दिल्ली स्थित यशोभूमि में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान कही, जहां 101 रेलवे अधिकारियों को 70वें अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार 2025 तथा विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 26 रेलवे जोनों को शील्ड प्रदान की गई।
समारोह को संबोधित करते हुए रेल मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने में भारतीय रेल की निर्णायक भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि रेलवे को नवाचार, सुधार, सुरक्षा और आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ना होगा ताकि यह देश के विकास इंजन के रूप में और अधिक प्रभावी भूमिका निभा सके। उन्होंने रेलकर्मियों से अपेक्षा जताई कि वे नवाचार को अपनाएं, संस्थागत सुधारों को गति दें, ट्रैक मेंटेनेंस में नई तकनीक और सोच को शामिल करें तथा सुरक्षा को ऐसे नए स्तर पर ले जाएं जिससे यात्रियों को पूरी तरह सुरक्षित यात्रा का भरोसा मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण में नए मानक अपनाने पर भी जोर दिया, ताकि बदलते समय की चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना किया जा सके।
अश्विनी वैष्णव ने पिछले एक दशक में भारतीय रेल में हुए व्यापक और परिवर्तनकारी सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज रेलवे न केवल बुनियादी ढांचे के विस्तार में आगे बढ़ रही है, बल्कि सेवा गुणवत्ता, संरक्षा और यात्री अनुभव में भी निरंतर सुधार कर रही है। उन्होंने विद्युतीकरण, आधुनिकीकरण और डिजिटल पहलों को भारतीय रेल की बड़ी उपलब्धियां बताया।
इस अवसर पर रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि भारतीय रेल का लक्ष्य यात्रियों को विश्वस्तरीय, सुरक्षित और किफायती यात्रा अनुभव प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि गति, आराम और सुरक्षा भारतीय रेल की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक को तेजी से अपनाया जा रहा है। उन्होंने सभी पुरस्कार प्राप्त करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।
समारोह में रेलवे बोर्ड के सदस्य, विभिन्न रेलवे जोनों, मंडलों और उत्पादन इकाइयों के महाप्रबंधक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर रेल मंत्री ने भारतीय रेल के विद्युतीकरण के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशेष डाक टिकट भी जारी किया।
गौरतलब है कि भारतीय रेल द्वारा हर वर्ष अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कारों के माध्यम से अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के असाधारण योगदान को सम्मानित किया जाता है। ये पुरस्कार व्यक्तिगत श्रेणियों के साथ-साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले रेलवे जोनों को शील्ड प्रदान कर भारतीय रेल के समग्र प्रदर्शन और उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।