20 जनवरी से पहले कर ले शुभ काम, नहीं तो पंचक बिगाड़ेगा प्लानिंग

 20 जनवरी से पहले कर ले शुभ काम, नहीं तो पंचक बिगाड़ेगा प्लानिंग
नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में पंचक का विशेष महत्व है। पंचक का समय पांच नक्षत्रों- धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती, के संयोग से बनता है। पंचक के पांच दिन तब शुरू होते हैं, जब चंद्रमा धनिष्ठा नक्षत्र के अंतिम चरण से शुरू होकर रेवती नक्षत्र के अंत तक गोचर करता है।
सनातन धर्म में भद्रा काल की तरह ही पंचक भी अशुभ माने जाते हैं। हर माह में पांच दिनों तक पंचक रहते हैं। पंचक के दौरान शुभ काम वर्जित होते हैं। विशेषकर इस दौरान शादी विवाह को तो धार्मिक दृष्टि से बिल्कुल भी शुभ नहीं माना जाता है। हालांकि, पंचक शुभ और अशुभ दोनों की तरह के होते हैं, लेकिन इसकी शुभता और अशुभता इस बात पर निर्भर करती है कि ये कौन से दिन और वार से शुरू हो रहे हैं।
ज्योतिष शास्त्र में पंचक को विशेष समय माना गया है। पंचक का समय पांच नक्षत्रों- धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती, के संयोग से बनता है। पंचक के पांच दिन तब शुरू होते हैं, जब चंद्रमा धनिष्ठा नक्षत्र के अंतिम चरण से शुरू होकर रेवती नक्षत्र के अंत तक गोचर करता है।
ऐसे में आइए जानते हैं कि जनवरी माह में पंचक कब शुरू हो रहा है? साथ ही जानते हैं कि इस दौरान कौन से काम नहीं करने चाहिए?
पंचांग के अनुसार, जनवरी महीने में पंचक 21 जनवरी 2026, बुधवार को रात को 01 बजकर 35 मिनट शुरू होगा। ये 25 जनवरी 2026, रविवार को दोपहर 01 बजकर 35 मिनट पर समाप्त होगा. चूंकि पंचक बुधवार को लगेगा, इसलिए ये दोषरहित पंचक होगा। इस पंचक को शुभ माना जाता है, लेकिन फिर भी कोई शुभ काम करना हो तो उसे 20 जनवरी से पहले कर लें।